तेरी झाँझर
इस ख़ामोशी को तोड़ दो ना तुम
ज़रा अपनी झाँझर हलके से झनका दो
मदहोशी में डूब जाएँ फिर ये समा
ऐसे अपने नयनों से जाम छलका...
मेरे दिल के अल्फ़ाज़
कभी-कभी दिल की गहरी भावनाओं को कुछ शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है।आपको अपने ख्यालों को व्यक्त करने के लिए लंबी कविता लिखने...
उम्मीद की लौ
झुकी हुई हैं नज़रें आज इंतेज़ार में तेरे
डर हैं कहीं धड़कनें थम ना जाएँ
उम्मीद की लौ मगर बुझने नहीं देंगे
इंतेज़ार की घड़ियाँ शायद पल...
थोड़ा मैं संवार लूँ
पीछे छोड़ फ़िक्र जमाने की आज
ख़ुद को थोड़ा मैं संवार लूँ
आईने से वफ़ा की कोई उम्मीद नहीं
बस ख़ुद ही अपने को निहार लूँ
सोलह सिंगार
इतरा रहा है ये मन मेरा करके सोलह सिंगार
माथे पे चमक रहा है मेरे कुमकुम सुर्ख़ लाल
आईने में दिखी हक़ीक़त और अब नहीं है...









