कान्हा

    जब भी मुझे तेरी याद आई कान्हा तेरी बांसुरी की धुन कर गई दीवाना छोड़ लोग लाज मैं दौड़ी चली आई बचपन की सखियाँ भी हुई पराई

सिंदूरी टीका

    माथे पर दमके सिंदूरी टीका और अँख़ियों में फैल गया कजरा हाथों में है पी तेरे नाम की मेहंदी और बालों में सजा जूही का गजरा

धुन प्यार की

    अभी छाया है जहाँ हर ओर सन्नाटा महफ़िल मेरे घर में यार की फिर सजेगी कुछ पल की ही हैं ये खामोशियाँ फ़िज़ा में फिर धुन प्यार...

राधे

    तेरे मेरे मिलने का राधे कोई संजोग नहीं तेरे मेरे नसीब में लिखी है बस ये दुखदाई विरह जब भी आए मेरे लब पर कभी नाम...

पहचान

      मंज़िल की खबर नहीं रास्ते भी अनजान हैं वक़्त है मुट्ठी में और ढूँढनी अपनी पहचान है

बाँसुरी

  तेरे मेरे रिश्ते की कोई पहचान नहीं राधे फिर भी मेरे रोम रोम में तू समाई है ज़ुबान से ना ले सकूँ मैं नाम तेरा इसलिए किसी...

घुंघरू

    तेरे पैरों में बसता हूँ गीत सुरीला बन कर थिरक उठता हूँ मगन कुछ बन ठन कर ग़र टूट कर बिखर गया तो कोई ग़म नहीं ठोकर...

संकट मोचन

      जिनको श्रीराम का वरदान हैं, गदा धारी जिनकी शान हैं बजरंगी जिनकी पहचान हैं, संकट मोचन वो हनुमान हैं।

ज़िंदगी के रंग

    बेरंग सी क्यूँ लगती है आज ज़िंदगी मुझे सुकून ढूँढने चली हूँ ना जाने क्या वजह हैं तनहाई का लेकर फ़ितूर आख़िर क्या होगा ये जाना कि...

गुफ्तगू

    चल पड़ें हैं राह पुरानी कुछ लम्हें निकाल के और जी रहे हैं आज हम फिर कुछ पल सुकून के कहने को थी कितनी बातें पर...

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