पहचान

      मंज़िल की खबर नहीं रास्ते भी अनजान हैं वक़्त है मुट्ठी में और ढूँढनी अपनी पहचान है

वीराना

    वीराना छाया है हर ओर कि आहट सुनाई देती नहीं कोई वो ज़ोर ख़रोश भरी आवाज़ें ना जाने है कहाँ खोई।

क़यामत

      हया तो गहना है औरत का नज़रों से मगर क़यामत वो ढाती है दुनिया की हसरत भरी निगाहों को अपने दामन में चुपके से समाती है

तेरी झाँझर

      इस ख़ामोशी को तोड़ दो ना तुम ज़रा अपनी झाँझर हलके से झनका दो मदहोशी में डूब जाएँ फिर ये समा ऐसे अपने नयनों से जाम छलका...

मेरे दिल के अल्फ़ाज़

कभी-कभी दिल की गहरी भावनाओं को कुछ शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है।आपको अपने ख्यालों को व्यक्त करने के लिए लंबी कविता लिखने...

उम्मीद की लौ

    झुकी हुई हैं नज़रें आज इंतेज़ार में तेरे डर हैं कहीं धड़कनें थम ना जाएँ उम्मीद की लौ मगर बुझने नहीं देंगे इंतेज़ार की घड़ियाँ शायद पल...

थोड़ा मैं संवार लूँ

    पीछे छोड़ फ़िक्र जमाने की आज ख़ुद को थोड़ा मैं संवार लूँ आईने से वफ़ा की कोई उम्मीद नहीं बस ख़ुद ही अपने को निहार लूँ

संकट मोचन

      जिनको श्रीराम का वरदान हैं, गदा धारी जिनकी शान हैं बजरंगी जिनकी पहचान हैं, संकट मोचन वो हनुमान हैं।

इंतेज़ार

    राह निहार रही हूँ मैं ना जाने कब से ख़त्म नहीं होती ये घड़ियाँ इंतेज़ार की माथे पर शिकन और बेचैनी दिल में लिए स्वागत में खड़ी...

सोलह सिंगार

  इतरा रहा है ये मन मेरा करके सोलह सिंगार माथे पे चमक रहा है मेरे कुमकुम सुर्ख़ लाल आईने में दिखी हक़ीक़त और अब नहीं है...

Popular articles